दिल्ली एम्स के पास है देश की नामचीन हस्तियों का मेडिकल रिकॉर्ड
नई दिल्ली। टीम डिजिटल :
दिल्ली एम्स Aiims Delhi की वेबसाइट पर क्या साइबर अटैक हुआ है? पिछले 9 घंटों से यह सवाल लोगों के मन में हैं। एम्स के तकनीशियन पूरा प्रयास कर रहे हैं लेकिन ताजा सूचना के मुताबिक अभी तक एम्स की वेबसाइट (aiims website) को फंक्शनल नहीं किया जा सका है। सूत्रों का कहना है कि यह साइबर अटैक भी हो सकता है।
संकट में नामचीन हस्तियों का मेडिकल रिकॉर्ड !

एम्स की बेवसाइट को लेकर साइबर अटैक की आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि संस्थान के पास देश की कई नामचीन हस्तियों के मेडिकल रिकॉर्ड मौजूद हैं। इनमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई वीवीआईपी शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली एम्स की वेबसाइट पर कई मौलिक शोध से संबंधित जानकारियां भी मौजूद है। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की संवेदनशील और मौलिक जानकारियों को चुराने के लिए साइबर अटैक किया गया हो सकता है। बरहाल, एम्स प्रशासन भी इस मामले में अभी कुछ भी स्पष्ट कहने की स्थिति में नहीं है। उनका कहना है कि सर्वर रिस्पांस नहीं कर रहा है। फिलहाल सर्वर को रिकवर कर वेबसाइट को फंक्शनल करने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन का कहना है कि आईटी विभाग पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद ही कुछ कह सकेगा। |
सर्वर डाउन होने से मरीजों की बढी परेशानी
एम्स की वेबसाइट (aiims website) के सर्वर डाउन होने की वजह से यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी बढ गई है। सुबह से पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पडा। खासतौर से जो मरीज दिल्ली के बाहर से आए, उन्हें निराशा का सामना करना पडा। सर्वर डाउन होने की वजह से एम्स में पर्ची बनाने से लेकर रिपोर्ट देने के साथ सभी प्रकार के तकनीकी कार्य भी ठप पडे हुए हैं। यहां बता दें कि एम्स में उपचार के लिए रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। इनमें से काफी तादाद ऐसे मरीजों की होती है, जो उपचार के लिए देश के अन्य राज्यों से आते हैं।
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एक अप्रैल से कई ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार करने वाला है एम्स :

अभी हाल में ही एम्स प्रशासन (aiims administration) ने एम्स की सर्विस को हाईटेक करने का फैसला लिया था। एम्स प्रशासन की ओर से संस्थान में आईसीयू और इमरजेंसी मरीजों की रियल टाइम हेल्थ रिपोर्ट डिजिटली डॉक्टरों के मोबाइल पर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा मरीज पंजीकरण व्यवस्था को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए एम्स ने आभा आईडी के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू करने की भी घोषणा की थी। ऐसे में एम्स के सर्वर में 9 घंटों से जारी तकनीकी गडबडी कई तरह के सवाल खडे करता है।
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