हर व्यक्ति के लिए ICU और ईआर के बीच का अंतर समझना जरूरी
नई दिल्ली।टीम डिजिटल : गहन चिकित्सा इकाई (ICU) और आपातकालीन कक्ष (ER) ये दोनों ही किसी भी अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। आज के वक्त में जानकारी सबसे बडी पूंजी है। चाहे जानकारी किसी भी क्षेत्र की हो, जिसके पास जानकारी का पावर है, वह कहीं मात नहीं खा सकता। मानव जीवन में स्वास्थ्य सबसे बडी पूंजी होती है, ऐसे में स्वास्थ्य और उपचार से संबंधित कुछ सामान्य जानकारियां हर किसी के पास होनी चाहिए। नॉलेज का यह पावर आपको कठिन समय में सहुलियत प्रदान करता है। हम यहां गहन चिकित्सा कक्ष और आपातकालीन कक्ष के बीच का अंतर बताने जा रहे हैं।
क्या है ईआर
अस्पताल का आपातकालीन कक्ष (ईआर) इसका एक विभाग होता है। यहां अत्यधिक गंभीर परिस्थितियों या आपात स्थिति जैसे दुर्घटना, दिल का दौरा, सांस लेने में कठिनाई, चेतना की हानि या किसी अन्य आपात स्थिति वाले मरीजों की उपचार की जाती है। यह विभाग सभी अस्पतालों में 24X7 प्रक्रिया के तहत सक्रिय होता है।
अस्पताल का यह विभाग छोटी चोटों या बीमारियों के लिए नहीं होता। इस विभाग में उन मरीजों का उपचार नहीं किया जाता है, जिन्हें तत्काल उपचार की जरूरत नहीं होती। लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि ईआर में उपचार कब लेना है। ईआर में, मरीजों की जांच की जाती है, इसके साथ बीमारी के लक्षणों के आधार पर कई तरह की जांच भी करते हैं। ईआर स्टाफ मरीज की स्थिति का प्रबंधन और उसकी हालत को स्थिर रखने में भूमिका निभाते हैं।
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क्या है आईसीयू

अस्पताल में आईसीयू एक गहन चिकित्सा इकाई होती है। इसका किसी भी अस्पताल के लिए विशेष महत्व होता है। यहां गंभीर बीमारियों और चोटों वाले रोगियों को अग्रिम महत्वपूर्ण देखभाल किया जाता है। आईसीयू उन्नत चिकित्सा उपकरणों और एक उच्च कुशल चिकित्सा टीम से युक्त होता है, जहां मरीजों की बारीक निगरानी और देखभाल की जाती है। मरीजों को आईसीयू की जरूरत तब पडती है, जब उन्हें महत्वपूर्ण संकेतों की निगरानी, बार-बार हस्तक्षेप और जीवन-सहायता की आवश्यकता रहती है। यहां मरीजों को सांस लेने में सहायता, डायलिसिस और अन्य जीवन-समर्थन तंत्रों के लिए मशीनों द्वारा सपोर्ट दी जाती है। बड़ी सर्जरी, गंभीर चोटें, अंग विफलता, गंभीर संक्रमण वाले मरीजों को यहां निगरानी के लिए रखा जाता है।
ईआर और आईसीयू के बीच प्रमुख अंतर (difference between ICU and ER)
ईआर और आईसीयू के बीच मुख्य अंतर यहां होने वाली देखभाल की तीव्रता है। ईआर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों और चोटों के लिए त्वरित देखभाल प्रदान किया जाता है। वहीं, आईसीयू में निगरानी और हस्तक्षेप के साथ चिकित्सा प्रौद्योगिकी से सुसज्जित देखभाल प्रदान करने की सुविधा होती है। यहां यह जानना जरूरी है कि ईआर में रहने की अवधि आईसीयू के मुकाबले कम होती है। प्रारंभिक परीक्षण, निदान और उपचार के बाद यहां से तत्काल डिस्चार्ज कर दिया जाता है या फिर आगे की देखभाल के दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाता है।
सीमित होती है परिजनों की मुलाकात
ईआर में, रोगियों के परिजनों से मुलाकात को सीमित रखा जाता है। अस्पताल की नीतियों के आधार पर ही यहां केवल मरीजों के करीबी पारिवारिक सदस्यों को ही मुलाकात की इजाजत दी जाती है। वहीं, आईसीयू में भी, मुलाक़ात केवल कुछ खास घंटों के लिए ही सीमित रखा जाता है। आईसीयू में संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए बहुत सख्त दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है। आईसीयू में आगंतुकों को जूते उतारने, दस्ताने और हेयर मास्क पहनने और खाने का सामान या ऐसी कोई भी चीज नहीं ले जाने के निर्देश दिए जाते हैं।
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