G20 Summit 2023 की तैयारियों की तहत रास्ते बंद रहने से मरीजों को हो सकती है दिक्कत
नई दिल्ली। G20 Summit 2023 की तैयारियों के तहत दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में ओपीडी सहित अन्य सेवाएं पहले की तरह की संचालित होंगी। इस दौरान एम्स, सफरदजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के तहत आने वाले सुचेता कृपलानी और कलावती सरन अस्पताल में उपचार सेवाएं सामान्य रहेंगी। सामान्य दिनों की तरह ही यहां ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध होंगे। हलांकि, इन अस्पतालों तक पहुंचने वाले कुछ मार्गों के बंद होने के कारण मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड सकता है।
मार्ग बंद होने से पड सकता है असर
जानकारी के मुताबिक अस्पतालों में ओपीडी सामान्य दिनों की तरह ही संचालित किया जाएगा लेकिन कई मार्गों पर आवागमन बंद होने की वजह से इन अस्पतालों में कम तादाद में मरीजों के पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। अस्पताल की रूटीन सर्जरी पर भी इसका असर पड सकता है। सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक के मुताबिक G20 Summit 2023 की तैयारियों के चलते आठ और नौ सितंबर को सर्जरी की नई तारीख नहीं दी गई है।
इमरजेंसी तैयारियों के तहत 325 बिस्तर आरक्षित

G20 summit 2023 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स सहित सूबे के 9 प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 300 से अधिक बिस्तरों को आरक्षित रखा गया है। इनमें आईसीयू बिस्तर भी शामिल हैं। इनमें केंद्र सरकार द्वारा संचालित सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सुचेता कृपलानी अस्पतालों के साथ दिल्ली सरकार के पांच बडे अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक तादाद में डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। जबकि, निजी क्षेत्र के अस्पतालों में अपोलो, प्राइमस, मैक्स साकेत, मणिपाल अस्पताल में भी आपातकालीन उपचार के इंतजाम किए गए हैं।
विशेष क्षमताओं से लैस किए गए हैं सरकारी अस्पताल
सीबीआरएन (केमिकल, बायोलाजिकल, रेडियोलाजिकल व न्यूक्लियर) हमलों की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में विशेष रूप से तैयार किया गया है। एम्स को न्यूक्लियर, सफदरजंग अस्पताल को रसायनिक व आरएमएल को जैविक हमलों की स्थिति से मुकाबला करने के लिए नोडल सेंटर के रूप में तैयार किया गया है। यहां के डॉक्टर और कर्मचारी आर्मी के साथ मिलकर काम करेंगे।
एम्स में 50 बिस्तर आरक्षित
एम्स प्रशासन के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल की मुख्य यूनिट में आईसीयू बिस्तर और प्राइवेट वार्ड के कमरों को मिलाकर करीब 50 बिस्तरों को आरक्षित रखा गया है। इन अस्पतालों के बाहर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। साथ ही संक्रमण मुक्त करने वाले शावर के इंतजाम भी किए गए हैं। किसी हादसे या सीबीआरएन संबंधित मामलों से निपटने के लिए ट्रॉमा सेंटर में व्यवस्था की गई है। किसी की तबियत बिगडने और सामान्य इमरजेंसी जैसे मामलों को एम्स के मुख्य अस्पताल में उपचार दिया जाएगा।
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सफदरजंग अस्पताल में सीबीआरएन से संबंधित मामलों से निपटने के लिए बर्न सेंटर में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। यहां बता दें कि आरएमएल, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पताल में 8 से 10 सितंबर तक पैरामेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियों को भी रद्द किया गया है। निजी क्षेत्र के तहत अपोलो अस्पताल में 25 बिस्तरों के साथ एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तैयार रहेंगे। वहीं एयरपोर्ट के नजदीक द्वारका के मणिपाल अस्पताल में भी बिस्तरों और एंबुलेंस सेवाओं को तैयार किया गया है।
मेहमानों के लिए 80 चिकित्सकीय टीम तैनात
G20 summit 2023 में हिस्सा लेने वाले मेहमानों के लिए 80 चिकित्सकीय टीमों को तैनात किया गया है। इनमें डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल होंगे। आयोजन स्थल के अलावा जिन होटलों में मेहमान ठहरेंगे वहां 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। इस दौरान 106 एंबुलेंसों को महत्वूपर्ण स्थानों पर तैनात किया जाएगा। जिनमें से 76 अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होंगे।
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