एलएनजेपी (लोकनायक) अस्पताल में रोजाना हो रही है 7 बच्चों की सर्जरी
LNJP Hospital News : दिल्ली (Delhi) सरकार के लोकनायक अस्पताल (Loknayak jaiprakash Narayan Hospital) में बच्चों की सर्जरी (pediatric surgery) को अत्याधुनिक (state of the art) बनाने की तैयारी हो रही है।
यहां अब बच्चों की सर्जरी को रोबोट की मदद से (Children’s surgery with the help of robots) अंजाम दिया जाएगा। नतीजतन, यहां बच्चों को सर्जरी के बाद रिकवर (recovery after surgery) होने में भी पहले से कम वक्त लगेगा। वर्तमान में यहां सामान्य सर्जरी (general surgery) और एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (Advanced Laparoscopic Surgery) की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल को नया भवन मिलने के बाद विभाग में रोबोटिक सर्जरी (robotic surgery) शुरू कर दी जाएगी।
LNJP Hospital : सुविधा शुरू होने पर बच्चों को मिलेगी एडवांस सेवाएं
जानकारी के मुताबिक प्रत्येक वर्ष अस्पताल में हजारों बच्चे भर्ती होते हैं। यहां अभी रोजाना औसतन 7 बच्चों की माइनर या जटिल सर्जरी (Minor or complex surgery) की जा रही है। बाल शल्य चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष डॉ. सिम्मी के रतन (Dr. Simmi K Ratan, Chairman of the Department of Pediatric Surgery) के मुताबिक, रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने पर मरीजों को एडवांस केयर (advance care) देना संभव हो जाएगा। अस्पताल में प्रत्येक वर्ष माइनर और जटिल को मिलाकर 4 हजार सर्जरी की जाती है।

बच्चों की सर्जरी पर कार्यशाला आयोजित
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (Maulana Azad Medical College) में कार्यशाला आयोजित किया गया। जहां बाल शल्य चिकित्सा सुविधा को एडवांस बनाने के विषय पर चर्चाएं हुई। इस दौरान लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार (Dr. Suresh Kumar, Medical Superintendent of Loknayak Hospital), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. पूनम नारंग (Dr. Poonam Narang, Dean of Maulana Azad Medical College), डॉ. सुजॉय नियोगी, डॉ. प्रफुल्ल कुमार, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. मोहम्मद फहीम अहमद सहित अन्य विशेषज्ञों ने बाल शल्य चिकित्सा विषय पर जानकारियां शेयर की। इसके अलावा एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
बच्चों को मिलेगी इन जटिल सर्जरियों की सुविधा
- जन्म से खाने की नली न होना
- जन्म से शौच का रास्ता न होना
- पेशाब में रुकावट
- पेशाब की थैली छोटा या खुला होना
- गुर्दे की नली में रुकावट
- छाती में गांठ
- छाती और पेट के बीच में पर्दा की दिक्कत
- सामने के हिस्से में पेट न बना होना
- पित की थैली न बनना
- जन्म से पीलिया होना
- शारीरिक बनावट में दिक्कत
- अंतड़ियों में रुकावट
- ऊंचाई से गिरकर चोटिल होना
- बायोप्सी
इन सूरतों में विकार के साथ पैदा हो सकते हैं बच्चे
- गर्भावस्था के दौरान मां को संक्रमण
- पारिवारिक इतिहास में जेनेटिक समस्या
- जन्म के दौरान जब लिंग स्पष्ट न हो
- जेनेटिक कैंसर के कारण हो
- मां का अत्याधिक धूम्रपान या नशा करना
- मां को वायरल इंफेक्शन होना
टॉयलेट क्लीनर से बच्चों को खतरा
लोकनायक अस्पताल (LNJP Hospital) में कई ऐसे बच्चों को सर्जरी के लिए लाया जा रहा है, जो टॉयलेट क्लीनर, एसिड या अन्य जोखिम पदार्थ पी लेते हैं। लापरवाही से भरा ऐसे मामले चिंताजनक साबित हो रहे हैं। आमतौर पर बच्चों में यह प्रवृत्ति होती है कि हाथ में आने वाली किसी भी वस्तु को वह अपने मुंह में डाल लेते हैं। जोखिम भरे ऐसे पदार्थ के संपर्क में आने से बच्चों को कई तरह के आंतरिक नुकसान हो सकते हैं। ऐसे में माता-पिता को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि एडिस, टायलेट क्लीनर आदि वस्तुओं को वे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।