विश्व शांति और सद्भाव के लिए लाखो लोगों ने ध्यान (Meditation) किया
World Meditation Day News, Health News, World News : ध्यान की शक्ति (Power of Meditation) को लोहा दुनिया के 193 देशों के लाखो लोगों ने माना है। बीते विश्व ध्यान दिवस के मौके पर लाखो लोगों ने वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए एकजुट होकर ध्यान किया। इस महत्वूपर्ण अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने सर्वसम्मति से विश्व ध्यान दिवस की घोषणा की। जिसके तहत दुनियाभर में एकता और सामंजस्य को बढावा देने के लिए ध्यान की गहन क्षमता को माध्यता दी गई है।
ध्यान (Meditation) की ताकत से बढेगी वैश्विक एकता
समारोह की शुरुआत न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (United Nations Headquarter in New York City) के डॉ. टोनी नादर (Dr. Tony Nader) के स्पीच के साथ की गई। डॉ टोनी नादर एक प्रसिद्ध वैदिक विद्वान और ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन (Vedic Scholars and Transcendental Meditation) आंदोलन के वैश्विक नेता (Global Leader) माने जाते हैं।
डॉ. नादर ने ध्यान के परिवर्तनकारी प्रभाव (Transformative Effects) पर जोर दिया। उन्होंने ध्यान को व्यक्तिगत सीमाओं को पार करने और वैश्विक एकता (Global Unity) को बढ़ावा देने का एक बेहतर उपक्रम (initiative) बताया। उन्होंने कहा, “ध्यान न केवल व्यक्तियों के भीतर बल्कि पूरे समाज में सामंजस्य (Harmony in society) पैदा करता है, यह साबित करता है कि सामूहिक चेतना (collective consciousness) के माध्यम से शांति प्राप्त की जा सकती है।”
20 मिलियन से अधिक लोगों ने अनुभव साझा किया
कार्यक्रम में ऑनलाइन और व्यक्तिगत रूप से लाखो लोग शामिल हुए। इस अवसर पर 20 मिलियन से ज़्यादा ध्यान करने वालों ने अपने अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम की वैश्विक पहुंच (Global reach) इसके डिजिटल प्रभाव में दिखाई दी। जिसमें #विश्वध्यानदिवस और #GlobalPeace जैसे हैशटैग (Hashtags) ने काफ़ी लोकप्रियता हासिल की और दुनिया भर में 500 मिलियन से ज़्यादा इंप्रेशन (Impressions) बनाए।
ध्यान से सामूहिक कल्याण की भावना बढती है

डॉ. नादर ने ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन (Transcendental Meditation) पर दशकों के वैज्ञानिक शोध (Scientific research) पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ध्यान, सद्भाव और सामूहिक कल्याण की भावना (A sense of harmony and collective well-being) विकसित होती है।
इसके प्रभाव से सामाजिक तनाव, अपराध और हिंसा (Social tension, crime and violence) को कम की जा सकती है। अध्ययनों से पता चला है कि जब बड़े समूह एक साथ ध्यान करते हैं, तो महत्वपूर्ण सामाजिक लाभ होते हैं, जो मूर्त परिवर्तन (Tangible Changes) लाने के लिए साझा चेतना की शक्ति को मजबूत करते हैं।
विश्व ध्यान दिवस की सफलता ने एक वैश्विक आंदोलन को प्रज्वलित किया है, जिसने व्यक्तियों और समुदायों को व्यक्तिगत और सामूहिक विकास के मार्ग के रूप में ध्यान को अपनाने के लिए प्रेरित किया है। डॉ. नादर ने निष्कर्ष निकाला, “इस दिन ने हमें एकता की शक्ति दिखाई है। साथ मिलकर, हमने एक शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण दुनिया की ओर एक परिवर्तनकारी कदम उठाया है।”
युद्ध के दौर में ध्यान का महत्व
इन दिनों विश्व के कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति है। जिससे विश्व स्तर पर तनाव की स्थिति (tension at the global level) बनी हुई है। युद्ध के इस दौर में ध्यान दिवस की घोषणा से यह स्पष्ट होता है कि लोगोें को अब ध्यान की ताकत का अहसास होने लगा है।
मानसिक शांति (mantle piece) और आत्मा के विकास (development of the soul) के लिए ध्यान का क्या महत्व है, इस बारे में भारतीय ऋषियों (Indian Sages) और विद्वानों ने अद्भुत ज्ञान और अनुभवों को साझा किया है। भारत में ध्यान और योग (Meditation and Yoga in India) को हजारों वर्षों से महत्व दिया गया है। दुनियाभर में अवसाद, तनाव और हिंसा को हावी होने से रोकने के लिए जरूरी है कि लोग व्यक्तिगत स्तर पर ध्यान करने की आदत को अपनाएं।
यह वह विधा है, जिसके माध्यम से इंसान अपनी अंदरूनी हलचल को शांत करने और आत्मा के विकास की राह हासिल कर सकता है। मन के विकार को दूर करने के लिए कोई प्रभावी दवा नहीं है लेकिन ध्यान की शक्ति से मन के विकारों को दूर कर शांति प्राप्त की जा सकती है।