Thursday, April 3, 2025
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Weird News : गर्भाशय के बिना ही 31 साल की महिला हुई प्रेगनेंट

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Weird News : डॉक्टर ने कहा था कभी मां नहीं बन सकती महिला

नई दिल्ली। टीम डिजिटल :  Weird News : क्या आपने कभी यह सुना है कि ​बिना गर्भाशय के ही कोई महिला प्रेगनेंन हो गई। सामान्य तौर पर ऐसा संभव नहीं है लेकिन ऐसा हुआ है और यह सुनकर हर कोई हैरान है। ब्रिटेन में रहने वाली एक 31 वर्षीय महिला के साथ ऐसा ही हुआ है। यहां खासबात यह है कि यह कोई चमत्कार नहीं है, बल्कि विज्ञान की मदद से ऐसा संभव हो पाया है।

जिस महिला को डॉक्टरों ने स्पष्ट कह दिया था कि वह अपने जीवनकाल में कभी मां नहीं बन सकती। ऐसे में गर्भधारण करने वाली महिला की खुशी का ठिकाना नहीं है। महिला के शब्द हैं कि मेरे अंदर पल रहा बच्चा आशा की किरण है। तो आईए समझते हैं ​कि आखिर यह असंभव संभव कैसे हो गया।

मेयर-रोकिटान्स्की-कुस्टर-हॉसर (MRKH)नामक सिंड्रोम से पीडित थी महिला

ब्रिटेन की रहने वाली 31 साल की लिज गोल्‍डमैन मेयर-रोकिटान्स्की-कुस्टर-हॉसर (MRKH) नामक सिंड्रोम के साथ पैदा हुईं थी। इसका अर्थ यह है कि उसके शरीर में गर्भाशय नहीं था। ल‍िज को मेडिकल साइंस का सहारा मिला और वह गर्भवती हो गई। मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, लिज जिस दुर्लभ स्थित‍ि का सामना कर रही थीं, वह 5000 से ज्‍यादा मह‍िलाओं में से किसी एक को होता है।

ल‍िज के मुताबिक, मुझे 14 साल की उम्र में MRKH होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद डॉक्टरों ने कह दिया था कि तुम कभी मां नहीं बन सकती। मुझे यकीन हो गया था कि मैं कभी अपने बच्चे को जन्म नहीं दे पाउंगी। अंदर ही अंदर सोचती थी कि काश उनका गर्भवती होने का सपना साकार हो जाता।

गर्भाशय प्रत्यारोपण से जगी उम्मीद

तभी उन्हें एक दिन यह पता चला कि स्‍वीडन में पहला गर्भाशय प्रत्‍यारोपण (uterus transplant) किया गया है और यह कमाल सफलतापूर्वक किया गया है। इससे उसकी उम्मीदों को पंख मिल गए। इसके बाद अलबामा से आई ऐसी ही एक खबर ने उनकी उम्मीदों को और ताकत दे दी। लिज ने वहां जाकर देखा और फिर तत्काल आवेदन करने का मन बना लिया। उन्होंने इसके लिए अपने पति से बात की और दिसंबर 2020 में आवेदन कर दिया।

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बहन ने किया गर्भाशय दान

डॉक्‍टरों से बातचीत करने पर उन्होंने लिज को बताया कि आपको किसी का गर्भाशय लेना होगा। सामान्यतौर पर कोई भी मित्र रिश्तेदार अपना गर्भाशय दान (uterus donation) कर सकता है। कई देशों में प्रत्यारोपण (uterus transplant) के लिए मृत लोगों का गर्भाशय उपयोग में लाई जाती है। लिज की बहन उन्हें गर्भाशय दान करने के लिए तैयार हो गई।

लिज के मुताबिक यह उनके लिए एक मुश्किल दौर था। उन्होंने तीन बार आईवीएफ कराया लेकिन बात नहीं बनी। बाद में यूटरस ट्रांसप्‍लांट (uterus transplant) किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में 25000 पाउंड (करीब 26 लाख रुपये) का खर्च हुए। इन सबके बीच एक अच्छी बात यह हुई कि इस पूरे खर्च का भुगतान चैरिटी वॉम्ब ट्रांसप्लांट यूके ने कर दिया। आठ महीने बाद लिज की सर्जरी कर यूटरस ट्रांसप्‍लांट कर दिया गया। आज लिज 30 हफ्ते की प्रेग्‍नेंट हैं।

सर्जरी के बाद बेहोशी से जागते ही किया पहला सवाल

लिज के मुताबिक, गर्भाशय प्रत्यारोपण (uterus transplant) सर्जरी और रिकवरी कुछ कठिन है। इस दौरान पेट की एक बडी सर्जरी से उबरना पडता है बल्कि बल्कि भारी मात्रा में इम्यूनोसप्रेसेन्ट भी लेना पडता है। इन सबके बावजूद लिज बेहद उत्साहित रहीं। सर्जरी के बाद बेहोशी से जागते ही लिज ने सबसे पहला सवाल किया कि क्या अब उनके पास गर्भाशय है? क्या उनका ट्रांसप्लांट सफल हो गया? इन सवालों का हां में जवाब सुनकर उनकी आंखें खुशी के आंसू से छलक पडे।

ट्रांसप्‍लांट के पांच दिन बाद ही मिली खुशखबरी

लिज ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपनी इस पूरी यात्रा को शेयर करते हुए कहा कि यूटरस ट्रांसप्‍लांट (uterus transplant) के पांच दिन बाद ही उनकी प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट पॉजीटिव रही। पहले तो उन्हें यह भरोसा ही नहीं हो पा रहा था। वह इतनी उत्साहित थी कि उन्होंने प्रेगनेंसी कंफर्म करने के लिए ताबडतोड 50 टेस्ट कर डाले। हालांकि, उनकी यह खुशी ज्यादा दिनों तक टिकी नहीं और एक हफ्ते के बाद उनका गर्भपात हो गया। इसके ठीक तीन महीने बाद वह एक बार फिर प्रेगनेंट हुई। उन्होंने वेलेंटाइन डे के दिन यह टेस्‍ट किया तो रिजल्‍ट पॉजीटिव निकला।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: caasindia.in में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को caasindia.in के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। caasindia.in लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी/विषय के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

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